उद्योग पर्व  अध्याय १८३

भीष्म उवाच

स मे जत्र्वन्तरे राजन्निपत्य रुधिराशनः |  ८   क
मय़ैव सह राजेन्द्र जगाम वसुधातलम् ||  ८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति