menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १८४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
कच्चित्सवर्णप्रवरो मनुष्य; उद्रिक्तवर्णोऽप्युत वेह कच्चित् |  १६   क
कच्चिन्न वामो मम मूर्ध्नि पादः; कृष्णाभिमर्शेन कृतोऽद्य पुत्र ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति