menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १८४
chevron_left
chevron_right
भृगुरु उवाच
स्वधर्मचरणे युक्ता ये भवन्ति मनीषिणः |  ६   क
तेषां धर्मफलावाप्तिर्योऽन्यथा स विमुह्यति ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति