menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तत्रादृश्यन्त रक्षांसि पिशाचाश्च पृथग्विधाः |  १२७   क
खादन्तो नरमांसानि पिवन्तः शोणितानि च ||  १२७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति