menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १८५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततस्तथोक्तः परिहृष्टरूपः; पित्रे शशंसाथ स राजपुत्रः |  १   क
धृष्टद्युम्नः सोमकानां प्रवर्हो; वृत्तं यथा येन हृता च कृष्णा ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति