menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १८५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
पाण्डुर्हि राजा द्रुपदस्य राज्ञः; प्रिय़ः सखा चात्मसमो वभूव |  १८   क
तस्यैष कामो दुहिता ममेय़ं; स्नुषा यदि स्यादिति कौरवस्य ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति