menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ९४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
मुमूर्षुर्हि नरः सर्वान्वृक्षान्पश्यति काञ्चनान् |  १२   क
तथा त्वमपि गान्धारे विपरीतानि पश्यसि ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति