menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ११२
chevron_left
chevron_right
वृहस्पतिरु उवाच
पतितं याजय़ित्वा तु कृमिय़ोनौ प्रजाय़ते |  ४३   क
तत्र जीवति वर्षाणि दश पञ्च च भारत ||  ४३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति