menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १८६
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अनन्तरिक्षे लोकेऽस्मिन्देवदानववर्जिते |  ३   क
त्वमेव प्रलय़े विप्र व्रह्माणमुपतिष्ठसि ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति