menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १८६
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
अल्पाय़ुषो दरिद्राश्च धर्मिष्ठा मानवास्तदा |  ४८   क
दीर्घाय़ुषः समृद्धाश्च विधर्माणो युगक्षय़े ||  ४८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति