menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १८६
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
ततस्तान्यल्पसाराणि सत्त्वानि क्षुधितानि च |  ५७   क
प्रलय़ं यान्ति भूय़िष्ठं पृथिव्यां पृथिवीपते ||  ५७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति