menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १८६
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
ततः सुदीर्घं गत्वा तु प्लवमानो नराधिप |  ८०   क
श्रान्तः क्वचिन्न शरणं लभाम्यहमतन्द्रितः ||  ८०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति