menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १८७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तच्छ्रुत्वा द्रुपदो राजा कुन्तीपुत्रस्य भाषितम् |  १५   क
विगर्हय़ामास तदा धृतराष्ट्रं जनेश्वरम् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति