menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १८७
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
पुरुषे चेन्द्रिय़ाणीह वेदितव्यानि कृत्स्नशः |  १४   क
तमो रजश्च सत्त्वं च विद्धि भावांस्तदाश्रय़ान् ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति