menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १८७
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
एवंस्वभावमेवैतत्स्ववुद्ध्या विहरेन्नरः |  ४७   क
अशोचन्नप्रहृष्यंश्च चरेद्विगतमत्सरः ||  ४७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति