menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २४५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यथाशक्ति प्रय़च्छेच्च सम्पूज्याभिप्रणम्य च |  २०   क
काले पात्रे च हृष्टात्मा राजन्विगतमत्सरः ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति