menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १८८
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
अन्योन्यं परिमुष्णन्तो हिंसय़न्तश्च मानवाः |  २२   क
अजपा नास्तिकाः स्तेना भविष्यन्ति युगक्षय़े ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति