menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १८८
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
निर्विशेषा जनपदा नरावृष्टिभिरर्दिताः |  ७१   क
आश्रमानभिपत्स्यन्ति फलमूलोपजीविनः ||  ७१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति