menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ६२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
दुर्योधनस्त्वय़ा चोक्तो जय़ार्थी परुषं वचः |  ५८   क
शृणु मूढ वचो मह्यं यतो धर्मस्ततो जय़ः ||  ५८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति