menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ३८
chevron_left
chevron_right
वृहन्नडो उवाच
शलभा यत्र सौवर्णास्तपनीय़विचित्रिताः |  ४६   क
एतन्माद्रीसुतस्यापि सहदेवस्य कार्मुकम् ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति