menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततोऽभ्यचोदय़त्कृष्णो युज्यतामिति दारुकम् |  १   क
मुहूर्तादिव चाचष्ट युक्तमित्येव दारुकः ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति