menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
द्वाभ्यां शराभ्यां हार्दिक्यश्चकर्त सशरं धनुः |  ५०   क
तदुत्सृज्य धनुश्छिन्नं सौभद्रः परवीरहा |  ५०   ख
उद्ववर्ह सितं खड्गमाददानः शरावरम् ||  ५०   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति