menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय १९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ते सृजन्तः शरव्रातान्किरन्तोऽर्जुनमाहवे |  ५   क
अभ्यद्रवन्त समरे वार्योघा इव सागरम् ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति