menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततोऽपरान्पञ्च शितान्महात्मा; नाराचमुख्यान्विससर्ज कुम्भे |  १४   क
स तैस्तु विद्धः परमद्विपो रणे; तदा परावृत्य भृशं प्रदुद्रुवे ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति