menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततः पृषत्कान्प्रववर्ष राजा; सूर्यो यथा रश्मिजालं समन्तात् |  २०   क
तेनाशुगैर्वध्यमाना रथौघाः; प्रदुद्रुवुस्तत्र ततस्तु सर्वे ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति