menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १९०
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
इक्ष्वाकवो यदि व्रह्मन्दलो वा; विधेय़ा मे यदि वान्ये विशोऽपि |  ६८   क
नोत्स्रक्ष्येऽहं वामदेवस्य वाम्यौ; नैवंविधा धर्मशीला भवन्ति ||  ६८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति