menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अत्यर्कानलदीप्तं तत्स्थानं विष्णोर्महात्मनः |  १९   क
स्वय़ैव प्रभय़ा राजन्दुष्प्रेक्ष्यं देवदानवैः ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति