menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
वरासिना वाजिरथाश्वकुञ्जरां; स्तथा रथाङ्गैर्धनुषा च हन्त्यरीन् |  ७६   क
प्रमृद्य पद्भ्यामहितान्निहन्ति यः; पुनश्च दोर्भ्यां शतमन्युविक्रमः ||  ७६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति