menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
chevron_left
chevron_right
व्राह्मण उवाच
संहितां जपता यावान्मय़ा कश्चिद्गुणः कृतः |  ११२   क
तत्सर्वं प्रतिगृह्णीष्व यदि किञ्चिदिहास्ति मे ||  ११२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति