menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय ६८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अण्डानि विभ्रति स्वानि न भिन्दन्ति पिपीलिकाः |  ५४   क
न भरेथाः कथं नु त्वं धर्मज्ञः सन्स्वमात्मजम् ||  ५४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति