menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
chevron_left
chevron_right
व्राह्मण उवाच
अथ वा सर्वमेवेह जप्यकं मामकं फलम् |  ४९   क
राजन्प्राप्नुहि कामं त्वं यदि सर्वमिहेच्छसि ||  ४९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति