menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
chevron_left
chevron_right
व्राह्मण उवाच
ददस्वेति त्वय़ा चोक्तं ददामीति तथा मय़ा |  ५५   क
न वाचं दूषय़िष्यामि सत्यं रक्ष स्थिरो भव ||  ५५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति