menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १९२
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
तस्य प्रीतः स भगवान्साक्षाद्दर्शनमेय़िवान् |  १०   क
दृष्ट्वैव चर्षिः प्रह्वस्तं तुष्टाव विविधैः स्तवैः ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति