उद्योग पर्व  अध्याय १९२

भीष्म उवाच

त्वय़ा चैव नरश्रेष्ठ तन्मे प्रीत्यानुमोदितम् |  ३   क
पुत्रकर्म कृतं चैव कन्याय़ाः पार्थिवर्षभ |  ३   ख
भार्या चोढा त्वय़ा राजन्दशार्णाधिपतेः सुता ||  ३   ग
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति