menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १९३
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
पुत्रसङ्क्रामितश्रीस्तु वृहदश्वो महीपतिः |  ७   क
जगाम तपसे धीमांस्तपोवनममित्रहा ||  ७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति