menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १९४
chevron_left
chevron_right
मनुरु उवाच
यतो जगत्सर्वमिदं प्रसूतं; ज्ञात्वात्मवन्तो व्यतिय़ान्ति यत्तत् |  २२   क
यन्मन्त्रशव्दैरकृतप्रकाशं; तदुच्यमानं शृणु मे परं यत् ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति