menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १९४
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
प्रभवः सर्वभूतानां शाश्वतः पुरुषोऽव्ययः |  ९   क
सुष्वाप भगवान्विष्णुरप्शय़्यामेक एव ह |  ९   ख
नागस्य भोगे महति शेषस्यामिततेजसः ||  ९   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति