उद्योग पर्व  अध्याय १९६

वैशम्पाय़न उवाच

वणिजो गणिका वारा ये चैव प्रेक्षका जनाः |  १९   क
सर्वांस्तान्कौरवो राजा विधिवत्प्रत्यवैक्षत ||  १९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति