menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १९७
chevron_left
chevron_right
मनुरु उवाच
प्रणीतं कर्मणा मार्गं नीय़मानः पुनः पुनः |  १५   क
प्राप्नोत्ययं कर्मफलं प्रवृद्धं धर्ममात्मवान् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति