menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १९७
chevron_left
chevron_right
मनुरु उवाच
स एव लुलिते तस्मिन्यथा रूपं न पश्यति |  ३   क
तथेन्द्रिय़ाकुलीभावे ज्ञेय़ं ज्ञाने न पश्यति ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति