menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १९८
chevron_left
chevron_right
मनुरु उवाच
एवं प्रकृतितः सर्वे प्रभवन्ति शरीरिणः |  १५   क
निवर्तन्ते निवृत्तौ च सर्गं नैवोपय़ान्ति च ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति