शान्ति पर्व  अध्याय २७७

भीष्म उवाच

सक्तवुद्धिरशान्तात्मा न स शक्यश्चिकित्सितुम् |  ६   क
स्नेहपाशसितो मूढो न स मोक्षाय़ कल्पते ||  ६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति