menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १७३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
इदं तु शक्यं सततं नरेन्द्र; प्राप्तुं त्वय़ा यल्लभसे कुवेरात् |  १३   क
कुरुष्व वुद्धिं द्विषतां वधाय़; कृतागसां भारत निग्रहे च ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति