menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १९९
chevron_left
chevron_right
मनुरु उवाच
अव्यक्तात्मा पुरुषोऽव्यक्तकर्मा; सोऽव्यक्तत्वं गच्छति ह्यन्तकाले |  २८   क
तैरेवाय़ं चेन्द्रिय़ैर्वर्धमानै; र्ग्लाय़द्भिर्वा वर्तते कर्मरूपः ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति