menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १९९
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
कृषिं साध्विति मन्यन्ते तत्र हिंसा परा स्मृता |  १९   क
कर्षन्तो लाङ्गलैः पुंसो घ्नन्ति भूमिशय़ान्वहून् |  १९   ख
जीवानन्यांश्च वहुशस्तत्र किं प्रतिभाति ते ||  १९   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति