menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १९९
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
विधिस्तु वलवान्व्रह्मन्दुस्तरं हि पुराकृतम् |  २   क
पुराकृतस्य पापस्य कर्मदोषो भवत्ययम् |  २   ख
दोषस्यैतस्य वै व्रह्मन्विघाते यत्नवानहम् ||  २   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति