menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
सूत उवाच
अतः परं तृतीय़ं तु ज्ञेय़मारण्यकं महत् |  १०५   क
पौरानुगमनं चैव धर्मपुत्रस्य धीमतः ||  १०५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति