menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
सूत उवाच
यत्र प्रविश्य नगरं छद्मभिर्न्यवसन्त ते |  १३१   क
दुरात्मनो वधो यत्र कीचकस्य वृकोदरात् ||  १३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति