आदि पर्व  अध्याय २

सूत उवाच

शतान्युपरि चैवाष्टौ तथा भूय़श्च सप्ततिः |  २०   क
गजानां तु परीमाणमेतदेवात्र निर्दिशेत् ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति