सभा पर्व  अध्याय ४१

भीष्म उवाच

नैषा चेदिपतेर्वुद्धिर्यया त्वाह्वय़तेऽच्युतम् |  १   क
नूनमेष जगद्भर्तुः कृष्णस्यैव विनिश्चय़ः ||  १   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति