menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १८७
chevron_left
chevron_right
देव उवाच
पितृभक्तोऽसि विप्रर्षे मां चैव शरणं गतः |  २   क
अतो दृष्टोऽस्मि ते साक्षाद्व्रह्मचर्यं च ते महत् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति